धामी सरकार के सख्त भू-कानून का असर: 1.822 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित

नैनीताल, 26 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सख्त भू-कानून के तहत नैनीताल जिले में भूमि के निर्धारित प्रयोजन के विपरीत उपयोग के मामलों में कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में न्यायालय उपजिलाधिकारी, नैनीताल ने सात प्रकरणों में कुल 1.822 हेक्टेयर (91 नाली 01 मुट्ठी) भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं।
उपजिलाधिकारी नवाज़िश खलिक के अनुसार, ग्राम कमड़ा और शीतला, पट्टी मल्ली कुटौली में धार्मिक प्रयोजन के लिए खरीदी गई 1.562 हेक्टेयर भूमि पर स्थलीय निरीक्षण के दौरान कोई धार्मिक गतिविधि नहीं मिली और भूमि खाली पाई गई।
वहीं ग्राम सतबूंगा, पट्टी सतबूंगा में कृषि प्रयोजन के लिए खरीदी गई 0.260 हेक्टेयर भूमि का कृषि कार्य में उपयोग नहीं किया जा रहा था और भूमि बंजर अवस्था में मिली।
प्रकरणों में संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। अनुमति की शर्तों, राजस्व अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों और स्थलीय जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद न्यायालय ने भूमि का निर्धारित प्रयोजन में उपयोग न होना प्रमाणित पाया।
इसके बाद उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की उत्तराखंड में यथाप्रवृत्त धारा 166/167 के तहत सातों प्रकरणों में संबंधित अंतरणों को विधि-विरुद्ध मानते हुए भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत होनी चाहिए। भू-कानून का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।







