उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘जन संवाद कार्यक्रम भाग-3’ का अंतिम चरण आयोजित

हल्द्वानी, 5 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं, जिज्ञासाओं एवं सुझावों के समाधान के उद्देश्य से ‘जन संवाद कार्यक्रम भाग-3’ के तृतीय एवं अंतिम चरण का आयोजन 5 अक्टूबर 2026 को ऑनलाइन माध्यम से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुआ तथा इसे विश्वविद्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर @UOULive के माध्यम से लाइव प्रसारित किया गया। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी 91.2 एफ.एम.’ ने भी कार्यक्रम के संचालन एवं प्रसारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी के अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि जन संवाद कार्यक्रम विश्वविद्यालय और शिक्षार्थियों के बीच द्विपक्षीय संवाद को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने शिक्षार्थियों से प्रवेश संबंधी अंतिम तिथियों का विशेष ध्यान रखते हुए समय पर प्रवेश लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षार्थियों की प्रतिक्रिया विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण है और प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं पर आवश्यक स्तर पर कार्य किया जाता है। उन्होंने शिक्षार्थियों से बिना संकोच अपनी जिज्ञासाएँ एवं समस्याएँ साझा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कुलसचिव श्री खेमराज भट्ट, अनुसंधान निदेशालय की ओर से प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे, अध्ययन सामग्री निर्माण एवं वितरण तथा अकादमिक निदेशालय की ओर से प्रो. पी.डी. पंत, परीक्षा अनुभाग से प्रो. सोमेश कुमार, प्रवेश अनुभाग से डॉ. सुमित प्रसाद, शोध अनुभाग से प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. एम.एम. जोशी, प्लेसमेंट सेल से डॉ. अखिलेश सिंह तथा पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा से प्रो. राकेश चन्द्र रयाल ने अपने-अपने विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। विशेषज्ञों ने विभागीय प्रक्रियाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं शिक्षार्थियों के लिए उपयोगी सेवाओं को सरल एवं स्पष्ट रूप में समझाया।
कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन सामुदायिक रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी’ से श्री अनिल नैलवाल एवं श्रीमती सोनू भट्ट ने किया। इस दौरान शिक्षार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न व्यावहारिक एवं शैक्षणिक प्रश्नों को विशेषज्ञ पैनल के समक्ष रखा गया। प्रमुख प्रश्नों में एबीसी आईडी, डीईबी आईडी निर्माण, असाइनमेंट एवं परीक्षा अंकों के मूल्यांकन, अध्ययन सामग्री की उपलब्धता एवं वितरण, प्रवेश प्रक्रिया, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, परीक्षा शुल्क, छात्रवृत्ति, अध्ययन माध्यम में परिवर्तन, डिग्री एवं अंकतालिका की उपलब्धता तथा बैक परीक्षा प्रक्रिया आदि शामिल रहे।
कई शिक्षार्थियों ने लाइव ज़ूम बैठक में सीधे जुड़कर विशेषज्ञों से संवाद किया और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। विशेषज्ञ पैनल द्वारा शिक्षार्थियों की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं पर आवश्यक जानकारी प्रदान करते हुए संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.uou.ac.in को नियमित रूप से देखने तथा ‘Student One View’ पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही, शिक्षार्थियों को दीक्षारम्भ कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहभागिता करने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि सेमेस्टर की शुरुआत से पूर्व पाठ्यक्रम, अध्ययन प्रक्रिया एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया जा सके।
कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने शिक्षार्थियों के साथ निरंतर, पारदर्शी एवं सहभागी संवाद की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया तथा ‘सूचना, संवाद और समाधान’ की अवधारणा को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया। तीन चरणों की इस श्रृंखला का अंतिम चरण आज सम्पन्न हुआ।







