मेयर पद की दावेदारी में सबसे आगे नन्हें कश्यप, भाजपा का मजबूत युवा चेहरा

हल्द्वानी नगर निगम के आगामी मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संभावित उम्मीदवारों में ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष नन्हें कश्यप का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है। नगर निगम की मेयर सीट इस बार ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित की गई है, और नन्हें कश्यप का सामाजिक सेवा का लंबा अनुभव, युवाओं के बीच लोकप्रियता, और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें एक मजबूत दावेदार बना दिया है।

भाजपा में नन्हें कश्यप का सफर: बूथ से लेकर जिला नेतृत्व तक

31 वर्षीय नन्हें कश्यप ने भाजपा में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 10 साल पहले राजपुरा पड़ाव क्षेत्र के बूथ अध्यक्ष के रूप में की थी। अपने सौम्य स्वभाव और क्षेत्रीय पकड़ के चलते उन्होंने शुरुआत से ही पार्टी में अपनी पहचान बनाई। बूथ अध्यक्ष के तौर पर उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए उन्हें शक्ति केंद्र संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
इसके बाद पार्टी ने उन्हें ओबीसी मोर्चे के जिला मंत्री का दायित्व दिया। यह जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने सामाजिक कार्यों और संगठन की मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी मेहनत और जनता के साथ उनकी गहरी पकड़ के चलते पार्टी ने उन्हें ओबीसी मोर्चे का नगर अध्यक्ष नियुक्त किया। उनकी सक्रियता और परिणामों को देखते हुए उन्हें जिला महामंत्री का पद दिया गया। अंततः, पार्टी नेतृत्व ने उनकी काबिलियत को पहचानते हुए उन्हें ओबीसी मोर्चा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इस पद पर रहते हुए, नन्हें कश्यप ने हल्द्वानी क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने और चुनाव जीतने में अहम भूमिका निभाई।

युवाओं और ओबीसी समुदाय में लोकप्रियता

नन्हें कश्यप न केवल पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, बल्कि ओबीसी समुदाय और युवाओं के बीच भी खासे लोकप्रिय हैं। अपने सामाजिक कार्यों और लोगों के साथ गहरी जुड़ाव के कारण, वे पार्टी के लिए लगातार जनसमर्थन जुटाने में सफल रहे हैं। उनकी संगठन क्षमता और सामाजिक सक्रियता ने उन्हें ओबीसी समुदाय का प्रतिनिधि बनने के लिए एक उपयुक्त चेहरा बना दिया है। उन्होंने कई कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा, और समाजसेवा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है।

मेयर पद के लिए मजबूत दावेदारी

हल्द्वानी नगर निगम की मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित होने के बाद नन्हें कश्यप ने अपनी दावेदारी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। यदि पार्टी मुझ पर भरोसा करती है और टिकट देती है, तो मैं पूरी मेहनत और लगन से इस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। ओबीसी समाज मेरे साथ है, और मैं उनके समर्थन से पार्टी को और मजबूत करूंगा।” नन्हें कश्यप का मानना है कि हल्द्वानी में भाजपा को और मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम होगी।

मुख्यमंत्री की युवा नेतृत्व पर नजर

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की बात कही है। ऐसे में नन्हें कश्यप, जो केवल 31 वर्ष के हैं, पार्टी के लिए एक आदर्श उम्मीदवार हो सकते हैं। उनकी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और क्षेत्रीय पकड़ उन्हें अन्य दावेदारों से अलग बनाती है। हालांकि, मेयर पद के लिए टिकट का अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। नन्हें कश्यप ने टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है, लेकिन यह देखना होगा कि पार्टी इस महत्वपूर्ण पद के लिए किसे चुनती है।
नन्हें कश्यप का कहना है कि यदि उन्हें टिकट मिलता है और वे मेयर चुने जाते हैं, तो उनकी प्राथमिकता होगी:
सामाजिक और शहरी विकास: हल्द्वानी की मूलभूत समस्याओं जैसे सफाई, ट्रैफिक, और पानी की आपूर्ति पर ध्यान देना।
युवाओं के लिए रोजगार: ओबीसी समुदाय और अन्य वर्गों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना।
पार्टी की नीतियों को मजबूत बनाना: भाजपा की नीतियों और विचारधारा को हर घर तक पहुंचाना।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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