भीमताल में विकास योजनाओं की समीक्षा, डीएम ने दिए शत-प्रतिशत बजट खर्च के निर्देश

गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण में ढिलाई पर नाराजगी, उरेडा अधिकारी की गैरहाजिरी पर मांगा स्पष्टीकरण
भीमताल, 15 जनवरी विकास भवन भीमताल सभागार में गुरुवार को जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित, बाह्य सहायतित एवं बीस सूत्री कार्यक्रमों की मासिक प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करते हुए वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व शत-प्रतिशत बजट व्यय करने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आवंटित धनराशि का समय रहते उपयोग किया जाना आवश्यक है, ताकि विकास कार्य बाधित न हों और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें। उन्होंने सभी विभागों को भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के साथ समय से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बीस सूत्री कार्यक्रम में ‘ए’ श्रेणी बनाए रखने के निर्देश
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले महीनों में विभागों द्वारा बेहतर कार्य करते हुए अच्छी प्रगति हासिल की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च माह तक सभी विभाग ‘ए’ श्रेणी बनाए रखें।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों के लिए टीकाकरण का रोस्टर तत्काल तैयार कर शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उरेडा अधिकारी की अनुपस्थिति पर सख्त रुख
बैठक में उरेडा विभाग का कोई भी सक्षम या समकक्ष अधिकारी उपस्थित न होने पर विभाग की समीक्षा नहीं हो सकी। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना अधिकारी उरेडा से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालकों को तत्काल चारा उपलब्ध कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए पशुपालकों को जंगल में चारा लाने से रोका जाए। आपदा निधि से उपलब्ध धनराशि का उपयोग करते हुए प्रभावित क्षेत्रों के पशुपालकों को तत्काल पशु आहार उपलब्ध कराया जाए।
किसानों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग का प्रस्ताव
कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विकासखंड में ऐसे पांच-पांच गांवों का चिन्हांकन किया जाए, जो वन आच्छादित क्षेत्रों के निकट हैं और जहां जंगली जानवरों द्वारा खेती को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इन गांवों में सोलर फेंसिंग और तारबाड़ की कार्ययोजना तैयार कर किसानों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
पर्वतीय क्षेत्रों में राशन आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर जोर
जिला पूर्ति अधिकारी को पर्वतीय क्षेत्रों में राशन की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद्यान्न का समय पर उठान करने के निर्देश दिए गए। वहीं, हल्द्वानी और नैनीताल नगर क्षेत्र में बार-बार पेयजल लाइन लीकेज की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी क्षतिग्रस्त लाइनों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
सड़क, विधायक निधि और पौधारोपण पर भी निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़कों की नियमित निगरानी कर सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक निधि के अंतर्गत कम धनराशि व्यय होने पर जिला विकास अधिकारी को माननीय विधायकों को पत्र भेजकर प्रस्ताव आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कृषि, उद्यान, रेशम समेत सभी खंड विकास अधिकारियों को आपसी समन्वय से शीतकालीन पौधों को किसानों को उपलब्ध कराकर पौधारोपण कराने और सूची प्रकाशन से संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी
बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी/जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरि गोस्वामी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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