काशीपुर में ओवरलोड डंपर बने ‘मौत की मशीनें’, यशपाल आर्य ने सरकार और प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने काशीपुर में खनन कार्य में लगे तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों को “चलती-फिरती मौत” करार दिया। उन्होंने कहा कि इन दुर्घटनाओं के लिए राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस विभाग जिम्मेदार हैं।
देहराइन 9 फरवरी उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने काशीपुर क्षेत्र में खनन कार्य में लगे ओवरलोड डंपरों को लेकर सरकार और प्रशासन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये डंपर अब “मौत की मशीनें” बन चुके हैं, जिनकी चपेट में आकर हर दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। सोमवार को काशीपुर के ढकिया नंबर-1 स्थित शिवनगर गांव में एक ग्रामीण की खनन वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद श्री आर्य ने इसे सरकारी लापरवाही का परिणाम बताते हुए तीखा बयान दिया।
पिछले दो-तीन दिनों में हुईं पांच मौतें
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि बीते कुछ दिनों में काशीपुर क्षेत्र के ढकिया, कुंडेश्वरी, कुण्डेश्वरा और ब्रह्मनगर में खनन वाहनों की चपेट में आने से पांच निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन इस बढ़ती हुई मौतों के प्रति पूरी तरह से बेपरवाह हैं, जबकि लोगों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।
“यह हादसा नहीं, जनहत्याएं हैं”
यशपाल आर्य ने तीखे शब्दों में कहा, “काशीपुर में जिस रफ्तार से लोग मर रहे हैं, उतनी मौतें अब युद्ध या प्राकृतिक आपदा में भी नहीं होतीं। यह हादसे नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हो रही जनहत्याएं हैं।” उन्होंने आगे कहा, “रोज किसी न किसी घर का चिराग बुझ रहा है, माताओं की गोद सूनी हो रही है, बच्चों के सिर से पिता का साया उठ रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन सत्ता की कुर्सी पर बैठकर गहरी नींद में सोए हुए हैं।”
सरकार की विफलता पर कड़ा प्रहार
नेता प्रतिपक्ष ने उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली को पूरी तरह विफल और संवेदनहीन बताते हुए कहा, “तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों से हो रही मौतें राज्य सरकार की नाकामी को उजागर करती हैं। आज आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। सरकार और प्रशासन ने पूरी तरह से आंखें मूंद ली हैं।”
जनआंदोलन की चेतावनी
यशपाल आर्य ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तत्काल ओवरलोड डंपरों पर प्रतिबंध नहीं लगाया, खनन वाहनों पर सख्त निगरानी नहीं की और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन नहीं करवाया, तो वह सड़कों से लेकर विधानसभा तक बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा, “सरकार को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।”
आंदोलन के संकेत से उत्तेजित जनसमूह
इस बयान से काशीपुर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और अब लोग सरकार और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह हादसे सिर्फ ओवरलोड डंपरों के कारण नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और प्रशासनिक अराजकता का नतीजा हैं।
यशपाल आर्य का यह बयान सरकार और प्रशासन के खिलाफ न केवल उनके कड़े रुख को स्पष्ट करता है, बल्कि उत्तराखंड में खनन कार्य के दौरान बढ़ती हुई दुर्घटनाओं और मौतों के मुद्दे पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।







