यूजीसी के जरिए थोपे गए कानून के विरोध में हल्द्वानी में प्रबुद्धजनो की बैठक, 21 फरवरी 2026 को

स्वर्ण समाज का आह्वान: काला कानून वापस लो, सवर्णों पर अत्याचार बंद करो

हल्द्वानी। यूजीसी के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कथित “काले कानून” के विरोध में रविवार को हल्द्वानी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन प्रकाश हर्बोला ने किया, जिसमें क्षेत्र के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रतिभाग किया। उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कानून की निंदा करते हुए इसे सवर्ण समाज और उनके बच्चों के भविष्य के लिए घातक बताया।
संयोजक प्रकाश हर्बोला ने कहा कि यह कानून बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज पूर्व में एससी-एसटी एक्ट और प्रमोशन में आरक्षण जैसे निर्णयों पर भी चुप रहा, लेकिन अब यूजीसी के माध्यम से लाए गए इस कानून को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से कानून को अविलंब वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि इसे थोपा गया तो व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा।

विनोद साही ने कहा कि यदि अभी संगठित होकर विरोध नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को क्या दिया जाएगा—यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने अदालत की रोक को अस्थायी बताते हुए चरणबद्ध आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
मोहन काण्डपाल ने संगठन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह मुहिम अपने लक्ष्य तक पहुंचकर ही समाप्त होनी चाहिए, बीच में संघर्ष नहीं छोड़ा जाना चाहिए, चाहे कितनी ही कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
प्रदेश अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर जे.एस. बिष्ट ने कहा कि वर्षों से नौकरियों में आरक्षण के कारण नुकसान उठाया गया, लेकिन प्रतिकार नहीं किया गया। अब समय आ गया है कि आंदोलन को सफलता की ओर अग्रसर किया जाए।
भुवन भट्ट ने यूजीसी कानून को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए सुझाव दिया कि यदि इसे लागू करना ही हो तो सभी विद्यार्थियों को समान रूप से शिकायत का अधिकार मिले, शिकायत शपथ पत्र के साथ हो और झूठी शिकायत पर दोगुने दंड का प्रावधान किया जाए।
तेज सिंह कार्की ने कहा कि राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते जाति प्रथा को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और समान कानून की वकालत की।
कवयित्री ज्योति अवस्थी ने कविता के माध्यम से सरकार को चेताया और समाज से जातिगत खांचों से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।
अंत में संयोजक प्रकाश हर्बोला ने सर्वसम्मति से आंदोलन को कल्कि सेना (ट्रस्ट) के अंतर्गत संचालित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि सरकार को जगाने के लिए 21 फरवरी 2026 को कल्कि सेना के बैनर तले महारैली आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन भुवन भट्ट ने किया।
कार्यक्रम में प्रताप जोशी, गणेश जंतवाल, विशाल शर्मा, गौरव गोस्वामी, देवेंद्र खाती, प्रवेंद्र दुबे, जगत सिंह बिष्ट, सीमा बत्रा, ज्योति अवस्थी, अंजू पाण्डे, नेहा चन्दोला, दीप्ति गुरुरानी, मृदुला, सौरभ काण्डपाल, आनंद बल्लभ लोहनी, नीता गुप्ता, तरनजीत कौर, सुशील भट्ट, नवीन पंत, योगेंद्र जोशी, हरीश ऐरी, महेश चंद्र जोशी, जितेंद्र सिंह रावल, हरीश काण्डपाल सहित दर्जनों प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
आगे के कार्यक्रमों के संचालन के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया गया। आगामी 21 फरवरी 2026 को प्रस्तावित प्रचंड महारैली में महिलाओं और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया गया।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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