नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बोले– कानून-व्यवस्था चरमराई, उत्तराखंड सरकार और पुलिस के माथे पर कलंक

काशीपुर में किसान की आत्महत्या से सियासी भूचाल, वीडियो में लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप
काशीपुर। प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह द्वारा वीडियो जारी कर आत्महत्या किए जाने की घटना को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने व्यवस्था के नैतिक पतन का भयावह उदाहरण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड पुलिस कानून की रखवाली छोड़कर जमीन के धंधों और सत्तासंरक्षित लेन-देन में उलझ चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि सुखवंत सिंह की मौत कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की नाकामी और प्रदेश में व्याप्त भ्रष्ट कानून-व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है। किसान ने आत्महत्या से पहले जारी किए गए वीडियो में अपने साथ चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी होने का दावा किया था।
यशपाल आर्य के अनुसार, सुखवंत सिंह न्याय की आस लेकर जब थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर दूसरे पक्ष का साथ दिया। आरोप है कि थाना प्रभारी से लेकर एसपी स्तर तक के अधिकारियों ने पैसे लेकर पीड़ित को डराया-धमकाया, बार-बार थाने बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे वह पूरी तरह टूट गए और हताशा में यह कदम उठाने को मजबूर हुए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मामला किसी एक थाने या एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की कार्यशैली और उत्तराखंड पुलिस पर लगातार गिरते जनविश्वास का तमाचा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार चेतावनी देता रहा है कि प्रदेश भय और अन्याय की ओर बढ़ रहा है और अब वही चेतावनी एक मौत के रूप में सामने आ चुकी है।
यशपाल आर्य ने सरकार को चेताते हुए कहा कि सत्ता की कुर्सी स्थायी नहीं होती, लेकिन अन्याय का हिसाब इतिहास जरूर लेता है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन के माथे पर कलंक बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।








