तकनीकी उन्नति व कौशल विकास पर ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित, एआई-एमएल के बढ़ते दायरे पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

हल्द्वानी 16 फरवरी कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग तथा स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग (SOC) द्वारा Central Tool Room & Training Centre (सीटीटीसी), भुवनेश्वर के सहयोग से “तकनीकी उन्नति एवं कौशल विकास” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises, भारत सरकार के अंतर्गत संपन्न हुआ।

सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती एवं अत्याधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), डीप लर्निंग तथा जनरेटिव एआई के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में ये तकनीकें विभिन्न उद्योगों में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं और आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में दक्ष पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ने वाली है।
कार्यक्रम में दो विशिष्ट संसाधन व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
पहले वक्ता श्री शिव शंकर कुमार प्रसाद (इंजीनियर–डिज़ाइन) ने टूल डिज़ाइन, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं तकनीकी नवाचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इंडो-जर्मन टूल रूम तथा सीटीटीसी, भुवनेश्वर में अपने आठ वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि केवल सैद्धांतिक जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक दक्षता विकसित करना अनिवार्य है। इस दौरान उन्होंने टूल डिज़ाइन के क्षेत्र में प्रकाशित अपने शोध पत्रों और तीन डिज़ाइन पेटेंट की जानकारी भी साझा की।

दूसरी वक्ता सुश्री देबाश्री साहू, जो सीटीटीसी भुवनेश्वर में एआई-एमएल एवं डेटा एनालिटिक्स की वरिष्ठ फैकल्टी हैं, ने एआई-एमएल के वर्तमान रुझानों, करियर संभावनाओं तथा आवश्यक कौशलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि तकनीकी क्षेत्र में निरंतर सीखना और स्वयं को अद्यतन रखना सफलता की कुंजी है। सुश्री साहू, जो एक यूआई/यूएक्स डिज़ाइनर भी हैं, Google Developer Groups Bhubaneswar की कोर डिज़ाइन टीम की सदस्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा नवाचार आधारित अधिगम अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस सत्र का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करना तथा विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछे और तकनीकी क्षेत्रों में अपने करियर को नई दिशा देने की प्रेरणा प्राप्त की।
इस अवसर पर परिसर निदेशक डॉ. एम.सी. लोहानी ने अपने संदेश में कहा कि डिजिटल युग में तकनीकी कौशल का निरंतर उन्नयन समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उद्योगोन्मुख, व्यावहारिक एवं शोध आधारित शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने सीटीटीसी के साथ इस सहयोग को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री कमलेश पडलिया द्वारा किया गया।







