देहरादून में पत्रकार पर हमला, कानून व्यवस्था पर विपक्ष ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बोले— यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, लोकतंत्र और प्रेस की आज़ादी पर चोट
देहरादून। राजधानी देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार श्री हेम भट्ट पर हुए हमले को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस घटना को न केवल निंदनीय बताया, बल्कि इसे राज्य में चरमराई कानून व्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र, प्रेस की स्वतंत्रता और जनता की आवाज़ पर सीधा हमला है।
यशपाल आर्य ने बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड की राजधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े एक सम्मानित पत्रकार को निशाना बना रहे हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस शहर में मुख्यमंत्री, डीजीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का पूरा प्रशासनिक तंत्र मौजूद है, वहीं इस तरह की घटनाओं का लगातार होना यह साबित करता है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मौजूदा सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। प्रदेश में अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है, जिसके चलते आम नागरिक, पत्रकार और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने इसे अत्यंत चिंताजनक स्थिति बताया।


यशपाल आर्य ने सरकार से मांग की कि इस हमले में शामिल सभी अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कानून व्यवस्था संभालने में असमर्थ है, तो उसे जनता से माफी मांगनी चाहिए।
अपने बयान के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब खोखले दावों से ऊब चुकी है और अब उसे सिर्फ और सिर्फ ठोस कार्रवाई चाहिए।
— यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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