एलटी शिक्षक कितनी सर्विस के बाद बनेंगे प्रधानाचार्य, सामने आया बड़ा अपडेट

देहरादून सरकार ने प्रधानाचार्य के 50 प्रतिशत रिक्त पद यानि 692 पदों को विभागीय शिक्षकों से परीक्षा के जरिए भरने का लिया निर्णय

उत्तराखंड के सरकारी इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के रिक्त 50 प्रतिशत पदों पर अब प्रवक्ता के साथ एलटी कैडर के शिक्षकों को भी शामिल होने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने राज्य शैक्षिक (अध्यापन संवर्ग) सेवा नियमावली में दो अहम संशोधन करते हुए सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
इसके तहत 15 साल एलटी कैडर में सेवा कर चुके शिक्षक भी आवेदन के लिए पात्र होंगे। आयु सीमा को भी 50 साल से बढ़ाकर 55 साल करने की सिफारिश की गई है। प्रधानाचार्य भर्ती का मामला शिक्षा विभाग में काफी गरमाया हुआ है।
हाल में शिक्षकों के विरोध के कारण सरकार को भर्ती स्थगित कर नियमावली को संशोधित करने का निर्णय लेना पड़ा था। मालूम हो कि राज्य में सरकारी इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के करीब 80 फीसदी पद खाली हैं। सरकार ने 50 प्रतिशत रिक्त पद यानि 692 पदों को विभागीय शिक्षकों से परीक्षा के जरिए भरने का निर्णय किया है।
पहले इस भर्ती परीक्षा के लिए केवल हेडमास्टर पद पर दो साल की सेवाएं दे चुके शिक्षक और प्रवक्ता कैडर में 10 साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को ही पात्र माना था। जहां राजकीय शिक्षक संघ रिक्त पदों को शत प्रतिशत प्रमोशन से भरने के पक्ष में है।
वहीं इस परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके 2900 से ज्यादा शिक्षक परीक्षा को जल्द से जल्द कराने की मांग कर रहे हैं। एलटी शिक्षकों भी एक बड़ा वर्ग उन्हें भी भर्ती परीक्षा में शामिल करने की मांग करता रहा है।
शिक्षकों के आंदोलन को उग्र रूप लेते देख सरकार ने भर्ती को स्थगित कर दिया था।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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