यूजीसी ‘काला कानून’ के खिलाफ हल्द्वानी में गरजे संवर्ण समाज के स्वर, चरणबद्ध आंदोलन का एलान

हल्द्वानी। यूजीसी कानून के विरोध में हल्द्वानी में आयोजित बैठक में संवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों और प्रबुद्धजनों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के संयोजक प्रकाश हर्बोला ने कहा कि संवर्ण समाज अब तक तब-तब चुप रहा, जब कानून बनते रहे। एससी-एसटी एक्ट हो या प्रमोशन में आरक्षण—कभी संगठित प्रतिकार नहीं हुआ। अब यूजीसी कानून आ गया है और अगर अभी भी विरोध नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोर्ट की रोक स्थायी नहीं होती, अंतिम फैसला आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे में जरूरत है कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए और समाज संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करे।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स जे.एस. बिष्ट ने प्रकाश हर्बोला की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि आज संगठित होने की अत्यंत आवश्यकता है। यह मुहिम अपने लक्ष्य तक पहुंचकर ही समाप्त होनी चाहिए। संघर्ष बीच में नहीं छोड़ा जाना चाहिए, चाहे कितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी संगठन मनोहर मिश्रा ने कहा कि नौकरियों में आरक्षण के कारण वर्षों तक नुकसान उठाया गया। कई बार ऐसा हुआ कि जो व्यक्ति साथ में जॉइन हुआ, वही कुछ सालों में बॉस बन गया, फिर भी प्रतिकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दबाव की भी एक सीमा होती है और अब आंदोलन को सफलता की ओर ले जाना जरूरी है।
भुवन भट्ट ने यूजीसी कानून में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों को समान रूप से शिकायत का अधिकार होना चाहिए। शिकायत करने वाले के लिए शपथ पत्र अनिवार्य हो और यदि शिकायत झूठी पाई जाए तो दोगुने दंड का प्रावधान होना चाहिए।

भुवन जोशी ने कहा कि यदि हिंदुओं को जाति-वर्गों में बांटा जाएगा तो देश कैसे बचेगा। उन्होंने सभी जाति वर्गों के लिए समान कानून की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजपूत परिषद की शांति जीना ने कहा कि ठाकुर, पंडित, बनिया, कायस्थ, भूमिहार जैसी अलग-अलग पहचान में सोचने के कारण ही समाज दबता जा रहा है। सभी को मिलकर कानून का प्रतिकार करना होगा।
बैठक में पलक अग्रवाल (अध्यक्ष, महिला अग्रवाल सभा), प्रदीप सबरवाल (अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट यूनियन), इंदर भुटियानी (संरक्षक, ट्रांसपोर्ट यूनियन), हर्षवर्धन पांडे, भुवन भट्ट, देवीदयाल उपाध्याय, राजेंद्र सिंह, राहुल झीगरन, त्रिलोक बिष्ट, मनोज अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, नितिन बोरा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे।
आगे की रणनीति के तहत 9 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। अगली बैठक बुधवार, 4 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी।







