हल्द्वानी में स्थापित होगा कुमाऊं मंडल का पहला स्टेट लैब, पानी की गुणवत्ता जांच में मिलेगा नया मोड़

हल्द्वानी। उत्तराखंड जल संस्थान कुमाऊं मंडल के लाखों पानी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत लेकर आ रहा है। जल गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच अब हल्द्वानी में ही संभव हो सकेगी, जिससे कुमाऊं के 6 जिलों के निवासियों को देहरादून जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जल संस्थान शीशमहल फिल्टर प्लांट के पास लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला (स्टेट लैब) स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।
अधीक्षण अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में पानी की गुणवत्ता की जांच केवल 14 पैरामीटर पर होती है, जबकि 24 पैरामीटर पर विस्तृत जांच के लिए सैंपल को देहरादून स्थित स्टेट लैब भेजा जाता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए कुमाऊं मंडल में भी एक स्टेट लैब स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो निर्माण की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी।
देहरादून में एकमात्र स्टेट लैब की जगह हल्द्वानी में नया विकल्प
उन्होंने बताया कि अभी तक उत्तराखंड जल संस्थान की एकमात्र स्टेट लैब देहरादून में स्थित है, जो कि जिलों में स्थापित छोटी लैब्स की मॉनिटरिंग करती है। इसके तहत, प्रत्येक जिले से 10 प्रतिशत पानी के सैंपल की दोबारा जांच की जाती है। हल्द्वानी में दूसरी स्टेट लैब बनने से कुमाऊं मंडल के सभी जिलों की पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए देहरादून जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कुमाऊं के पेयजल स्रोतों की बेहतर निगरानी
नई लैब के निर्माण से केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं, बल्कि कुमाऊं के ग्रामीण क्षेत्रों, प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे नदियों, गधेरों और झीलों का पानी भी अब हल्द्वानी में जांचा जा सकेगा। इससे जल गुणवत्ता पर निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे प्रदूषित जल आपूर्ति की समस्या पर भी काबू पाया जा सकेगा। कुमाऊं में अक्सर प्रदूषित जल की आपूर्ति की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिनका समाधान अब राज्य लैब की रिपोर्ट और जिला लैब की रिपोर्ट के क्रॉस चेक से किया जा सकेगा।
जल गुणवत्ता पर सख्त निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी
कुमाऊं मंडल के लिए यह कदम बेहद अहम है, क्योंकि यह जल गुणवत्ता निगरानी को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाएगा। प्रदेशवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जल संस्थान द्वारा किए गए प्रयासों से जनता को मिलेगा बड़ा लाभ
जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि इस लैब की स्थापना से जल गुणवत्ता में सुधार के साथ ही जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह कदम कुमाऊं मंडल में जल संस्थान की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा, और क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








