उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल, पांच दिन में तीन हत्याएं; पुलिस तमाशबीन: यशपाल आर्य

हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की खुलेआम हत्याएं हो रही हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। राजधानी देहरादून में महज पांच दिनों के भीतर तीन लड़कियों/महिलाओं की नृशंस हत्याएं हो चुकी हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
यशपाल आर्य ने कहा कि जब राजधानी के हाल इतने बदतर हैं, तो राज्य के अन्य हिस्सों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चार दिन पूर्व देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की सुरेंद्र नामक व्यक्ति ने दरांती से काटकर निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद ऋषिकेश में भाजपा नेता सुरेश अग्रवाल द्वारा एक युवती की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि ताजा मामला देहरादून कोतवाली से कुछ ही दूरी पर दिनदहाड़े हुआ, जहां आकाश नामक व्यक्ति ने गुंजन नाम की युवती की चापड़ से काटकर हत्या कर दी।
यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार ने पुलिस को लूट का साधन बना दिया है। खुलेआम जिले और थाने नीलाम हो रहे हैं। अच्छे और ईमानदार अधिकारियों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जबकि लूट के विशेषज्ञों को जिलों की कमान सौंपी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके नतीजे अब सामने हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में जघन्य हत्याओं, लूट और गंभीर अपराधों के बावजूद जिला पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों को पदों पर बनाए रखा गया है। ऐसे अयोग्य अधिकारी अपराधों के बाद भी जिलों में टिके रहने को अपनी विशेष योग्यता मानकर कर्तव्यों से विमुख हो रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यही हाल रहा तो उत्तराखंड देवभूमि के बजाय अपराध भूमि के नाम से जाना जाएगा।
— यशपाल आर्य
नेता प्रतिपक्ष


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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