फुटबॉल का महाकुंभ फिर सजने को तैयार, कुमाऊं प्रीमियर लीग-2 का आगाज, पिथौरागढ़ टीम की कमान खुराना परिवार के हाथ

हल्द्वानी। पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में फुटबॉल को नई पहचान और जबरदस्त लोकप्रियता दिलाने वाली कुमाऊं प्रीमियर लीग (केपीएल) एक बार फिर नए जोश और उत्साह के साथ लौटने जा रही है। कुमाऊं प्रीमियर लीग सीजन-2 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए अब तक करीब 350 खिलाड़ियों ने ट्रायल देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
इस बार केपीएल सीजन-2 में पिथौरागढ़ जिले की टीम की जिम्मेदारी हल्द्वानी के वरिष्ठ समाजसेवी और कृष्णा हॉस्पिटल के अध्यक्ष एवं प्रबंधन निदेशक डॉ. जे. एस. खुराना, निदेशक एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंदरजीत कौर खुराना तथा कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) एवं स्किन्थेटिक्स की निदेशक डॉ. पवलीन खुराना मोरदानी के हाथों में सौंपी गई है। तीनों ने पिथौरागढ़ जिले के युवा और प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर केपीएल सीजन-2 में भागीदारी के लिए आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है।
आयोजकों के अनुसार फरवरी माह के दूसरे सप्ताह से हल्द्वानी, चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के खेल मैदानों में कुमाऊं प्रीमियर लीग सीजन-2 का रोमांच देखने को मिलेगा, जहां कुमाऊं भर के युवा फुटबॉल खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
कुमाऊं प्रीमियर लीग सीजन-2 के आयोजक वीरू कालाकोटी ने बताया कि उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स में राज्य की फुटबॉल टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद युवाओं में फुटबॉल के प्रति क्रेज तेजी से बढ़ा है। ऐसे समय में युवाओं को बेहतर मंच और प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है, इसी उद्देश्य से केपीएल सीजन-2 का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजसेवियों और उद्योगपतियों का सहयोग खेलों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। बिना सामाजिक सहयोग के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना कठिन हो जाता है। ऐसे में डॉ. जे. एस. खुराना जैसे खेल-प्रेमी समाजसेवी युवाओं के बेहतर भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ. खुराना वर्षों से खेल और खिलाड़ियों से जुड़े रहे हैं। वे न केवल खिलाड़ियों को हर स्तर पर सहयोग देते हैं, बल्कि उन्हें निरंतर प्रेरित भी करते रहते हैं, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। आयोजकों का कहना है कि ऐसे ही समाजसेवियों के सहयोग से खेलों को मजबूती मिलती है और नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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