भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और दिशाहीन बजट पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बोले—प्रदेश में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं, शिष्टाचार बनता जा रहा

देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने विधानसभा में भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और राज्य के बजट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शासन-प्रशासन की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है और सरकार इन गंभीर मुद्दों पर ठोस जवाब देने से बच रही है।
विधानसभा स्थित कक्ष संख्या-120 में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं बल्कि शिष्टाचार बनता जा रहा है। सरकार भले ही “जीरो करप्शन” का नारा देती हो, लेकिन हकीकत यह है कि भर्ती, ठेकों, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानांतरण जैसे कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में शिकायतें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचने के बावजूद समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, जिससे जनता में यह संदेश जा रहा है कि भ्रष्टाचार करने वालों को संरक्षण मिल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना, बिजली व्यवस्था, खनन सहित कई विभागों में वित्तीय कुप्रबंधन के उदाहरण सामने आए हैं, जो राज्य की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि वर्ष 2022 के बाद अपराधों की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राजधानी देहरादून में कम समय के भीतर कई हत्याओं की घटनाएँ होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब राजधानी में ही अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हों, तो प्रदेश की जनता में असुरक्षा की भावना स्वाभाविक है।
आर्य ने महिला अपराधों, साइबर अपराधों और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है और पुलिस की निष्पक्षता तथा प्रशासनिक जवाबदेही पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में ईमानदार अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर नहीं मिल रहा, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
विधानसभा में पेश बजट पर टिप्पणी करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह बजट प्रदेश की वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ने वाला बजट है। इसमें आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने की स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का कोई ठोस खाका भी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य पर बढ़ते कर्ज, हजारों रिक्त सरकारी पदों, पलायन, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों पर बजट में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गैरसैंण के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, किसानों की आय बढ़ाने और पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस नीति और पर्याप्त बजटीय प्रावधानों की आवश्यकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और आर्थिक प्रबंधन से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और प्रदेश की जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि शासन व्यवस्था पारदर्शी, जवाबदेह और न्यायपूर्ण है।
प्रेस वार्ता में प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, विक्रम सिंह नेगी और लखपत सिंह बुटोला भी मौजूद रहे।







