मोटर मार्ग को तरसे गहलना–जमीरा के ग्रामीण, 7 किमी सड़क की मांग तेज सुविधा के अभाव में मरीजों को डोली से ले जाना पड़ता है मुख्य मार्ग तक, 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

भीमताल (नैनीताल)। भीमताल ब्लॉक के खुर्पाताल क्षेत्र के गहलना और जमीरा गांव के ग्रामीण वर्षों से मोटर मार्ग की सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। करीब सात किलोमीटर सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार मांग के बावजूद सड़क निर्माण शुरू न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक मोटर मार्ग नहीं होने के कारण जरूरी सामान ढोना भी मुश्किल हो जाता है। खेतों से उपज लाना या घर का सामान ले जाना आज भी पैदल ही करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ती है, जिन्हें रोजाना लंबी दूरी पैदल तय कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। रास्ता जंगल से होकर गुजरता है, जिससे जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है।
स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में स्थिति और भी गंभीर है। गांव में यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो ग्रामीणों को आज भी डोली या घोड़े-खच्चरों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण अब तक चार मरीजों की जान इसी दुर्गम रास्ते में जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों के अनुसार मंगोली, सिल्मोडिया और गहलना तक करीब सात किलोमीटर मोटर मार्ग बनाने की मांग वे लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क सुविधा के अभाव में वे आज भी 1990 के दशक जैसी परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्राम प्रधान कीर्ति आर्या ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार विधायक और सांसद को पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कई जनप्रतिनिधि आए और गए, मगर इस सड़क के निर्माण को लेकर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
ग्रामीणों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क के लिए सर्वे किया जा चुका है और कई स्थानों पर पिलर भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। बार-बार मांग करने के बावजूद उन्हें हर स्तर से निराशा ही हाथ लगी है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वर्ष 2027 से पहले मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ वे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।
इस बीच भाजपा नेता हेमचंद आर्य भारी बारिश के बावजूद करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर सिल्मोडिया गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका विरोध करते हुए “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीरा–गहलना मोटर मार्ग से संबंधित दो फाइलें नैनीताल के डीएफओ की ओर से देहरादून स्थित नोडल अधिकारी को भेजी जा चुकी हैं। देहरादून स्तर पर वार्ता के बाद फाइल केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और सांसद को भेजे जाने के लिए मोटर मार्ग निर्माण की मांग का ज्ञापन भी भाजपा नेता हेमचंद आर्य को सौंपा।
मौके पर ग्राम प्रधान कीर्ति आर्या, नवीन सिंह, प्रमोद सिंह, कुंवर सिंह, चंद्रशेखर सिंह कार्की, राधा देवी, बसंती देवी, पुष्पा देवी, हेमा देवी, मंजू देवी, ममता देवी, भगवती देवी, कमला देवी, मुन्नी आर्य, गीता देवी, हरीश गोसामी, मदन सिंह, गोपाल सिंह, नंदन सिंह, हरेंद्र बिष्ट, दीपु कंवल, दीवान सिंह, महेंद्र अधिकारी, सुरेंद्र सिंह अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।







